सुशांत केस को लेकर बिहार और महाराष्ट्र सरकार आमने-सामने, आईपीएस विनय तिवारी के मामले को नीतीश सरकार ने शर्मनाक बताया

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PATNA : एक्टर सुशांत सिंह राजपूत केस लेकर अब बिहार और महाराष्ट्र सरकार आमने-सामने आ गई है। पटना में सुशांत के पिता ने एफआईआर दर्ज कराई और बिहार पुलिस की टीम जांच करने के लिए मुंबई पहुंची। बिहार पुलिस की टीम के मुंबई पहुंचने के साथ ही लगातार रिश्तो में खटास देखने को मिल रही थी लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने जिस तरह पटना के सिटी एसपी विनय तिवारी को मुंबई पहुंचने पर क्वॉरेंटाइन किया उसके बाद यह टकराव खुलकर सामने आ गया है। महाराष्ट्र सरकार के इस कदम को नीतीश सरकार ने शर्मनाक बताया है। बिहार सरकार के मंत्री संजय झा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।

मंत्री संजय झा ने कहा है कि मुंबई पुलिस के रवैया से सवाल उठ रहे हैं और संदेह के दायरे में अब खुद मुंबई पुलिस है।

सुशांत सिंह राजपूत के मामले में जांच करने के लिए गए एक आईपीएस अधिकारी को मुंबई एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के बाद पूछा तक नहीं गया और जब उन्होंने जांच शुरू की तब जबरन बीएमसी ने उन्हें क्वॉरेंटाइन कर दिया। मुंबई पुलिस का रवैया अब बता रहा है कि दाल में काला है। संजय झा ने इससे पूरे घटनाक्रम को शर्मनाक बताया है।

उधर जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने भी आईपीएस विनय तिवारी के साथ हुए बर्ताव को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। संजय सिंह ने कहा है कि रिया का क्राइम गैंग मुंबई में एक्टिव है और मुंबई पुलिस उसको बचा रही है। वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने भी मुंबई पुलिस के रवैए पर सवाल उठाया है। आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा है कि मुंबई पुलिस से इस पूरे मामले पर जिस तरह लीपापोती कर रही है उसके बाद बिहार सरकार को बिना देरी किए केस की सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी चाहिए। मृत्युंजय तिवारी ने डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे के बयानों को विरोधाभासी बताते हुए कहा है कि एक दिन पहले बिहार के डीजीपी मुंबई पुलिस से समर्थन मिलने की बात कहते हैं और अगले दिन वह कह रहे हैं कि कोई कॉपरेशन नहीं मिल रहा है। कुल मिलाकर सुशांत सिंह राजपूत केस और मुंबई पुलिस के साथ-साथ महाराष्ट्र सरकार को लेकर बिहार में सियासत भी तेज हो गई है।

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