कमल चंचल जी की कुछ कविताएं जो आप को पसंद आएगी,एक बार जरूर पढ़ें

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कविता
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उजास लाने वाले भी तम ले आए
खुशियाँ लाने वाले भी गम ले आए ।

नाम बड़ा औ दर्शन छोटा सिद्ध हुआ
बुख़ार वास्ते हकीम मरहम ले आए ।

मोबाइल रखता था घंटो उलझाए
पति – पत्नी में घिनौना भरम ले आए।

मनुष्य-मनुष्य बना रह जिंदगी जीए
वेद-उपनिषद इसलिए धरम ले आए ।

अपनी-अपनी तहज़ीब के चलते यहाँ
गंगा जल कुछ आबे ज़मज़म ले आए।

संकट से निपटने हुए कामयाब वे
चंचल अपने में जो दमख़म ले आए ।

धन्यवाद
आपका ही
कमल चंचल भाटापारा
संपर्क:- 79990–93535
दिनाँक:—31.01.2021

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