होशियारपुर में पति ने टीवी सीरियल देख कर ऐसे की एडवोकेट पत्नी व उनके सिनियर की हत्या, लेकिन छोड़ गया ये सबुत

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होशियारपुर,  फेसबुक पर दोस्ती। मामला प्रेम कहानी में तब्दील और जिंदगीभर साथ रहने के कसमें-वादे। फिर दोस्ती, प्रेम कहानी और वादों को भुलाकर हमेशा-हमेशा की नींद सुलाने का खतरनाक प्लान…। पत्नी से झगड़े के बाद उसके हमदर्द को भी दीवाली की रात डिनर पर घर बुलाया। खाने में हंसी मजाक करते हुए दोनों को जहर दे दिया। दो साथियों के साथ मिलकर पत्नी की लाश डिग्गी व हमदर्द की लाश को सीट बेल्ट लगा कंडक्टर सीट पर बैठाया और सुनसान सड़क पर ले गया। वहां पत्नी को ड्राइवर सीट पर बिठा कार की पेड़ से टक्कर करवाई और आग लगा दी।

इस खूनी खेल को खेलकर इसके छींटों से बचने के लिए हत्यारे ने पहले देखा क्राइम पेट्रोल का क्राइम सीन। कैसे हत्या को अंजाम देना है। कैसे शवों को ठिकाने लगाना है। हत्या को हादसे में कैसे तब्दील करना है यह सब क्राइम पेट्रोल के एपिसोड से ही सीखा। बार-बार एपिसोड देखा भी ताकि कोई गलती न हो लेकिन क्राइम पेट्रोल के हर धारावाहिक की तरह इसके अंत में भी घटना से पर्दा उठ गया। दिल दहला देने वाले खूनी खेल की यह दुखद कहानी किसी और की नहीं बल्कि एडवोकेट सिया खुल्लर और उनके सीनियर एडवोकेट भगवंत किशोर गुप्ता के डबल मर्डर की है।

पुलिस ने इस मामले में एक आरोपित कपिल कुमार निवासी बुलंदशहर को गिरफ्तार कर लिया। उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और इस साजिश से पर्दा उठाया। कपिल सिया के पति आशीष का नौकर है। आशीष को रोज-रोज परेशान रहते व दोस्ती के कारण वह भी इस साजिश में शामिल हुआ। पुलिस पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि सिया का पहले पति से तलाक हो चुका था। दो साल पहले ही उसकी फेसबुक पर नोएडा के रहने वाली आशीष कुशवाहा से दोस्ती हुई थी। चैटिंग करते-करते फेसबुक की दोस्ती प्रेम कहानी में बदल गई। इसके बाद साथ जीने-मरने का वादा करते हुए दोनों ने शादी कर ली।

सिया चाहती थी अपना घर…आशीष नहीं चाहता था दिलाना

सिया खुल्लर किराए के मकान में होशियारपुर में ही रहती थी जबकि पति आशीष कभी-कभार आता था। चूंकि सिया किराए पर रहती थी इसलिए वह चाहती थी कि उसका अपना भी घर हो। जब भी वह पति कुशवाहा से घर खरीदने की बात करती तो वह टालमटोल कर जाता था। अपना घर खरीदने की डिमांड से दोनों के रिश्तों में दरार आने लगी। वैसे तो इनके बीच और भी मतभेद रहने लगे, लेकिन झगड़े का मुख्य कारण घर खरीदने का ही था। जब भी कोई झगड़ा होता तो सिया के सीनियर एडवोकेट भगवंत किशोर गुप्ता उसमें हस्तक्षेप कर देते थे। यह कुशवाहा को पसंद नहीं था। इससे सिया का पति कुशवाहा परेशान रहने लगा। सिया से छुटकारा पाने के लिए कुशवाहा ने सिया व भगवंत किशोर गुप्ता को भी मारने की योजना बनाई।

योजना बनाकर ही आया था दीपावली पर

योजना के मुताबिक आशीष दीपावली से पहले होशियारपुर आ गया। उसके पीछे-पीछे नौकर और उसका दोस्त सुनील भी होशियारपुर आ गए। दीपावली की रात आशीष ने प्लान के मुताबिक एडवोकेट भगवंत किशोर गुप्ता को भी विक्रम एन्क्लेव स्थित घर पर बुला लिया था। यहां पर खाने में जहरीली वस्तु देकर सिया और भगवंत किशोर गुप्ता को मौत की नींद सुला दिया। उसके बाद वे क्राइम पेट्रोल की सीन के मुताबिक दोनों शवों को कार में डालकर पुरहीरां बाइपास ले गए। कार को पेड़ से टकराकर उसमें आग लगाकर दोनों को जला दिया।

…गुनाह निशान छोड़ ही जाता है

आशीष ने क्राइम पेट्रोल देख साजिश तो रच ली लेकिन कहते हैं कि गुनाह अपना निशान छोड़ ही जाता है। यहीं इन हत्यारों के साथ हुआ क्योंकि पुलिस ने जब आशीष को फोन किया तो उसने कहा था कि वह तो आठ बजे ही घर से निकल आया था। कार में आग सवा दस बजे के करीब लगी थी। रास्ते में सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर मालूम पड़ा कि आशीष देर रात तक होशियारपुर में ही था। यहीं से पुलिस का माथा ठनका था कि यह सड़क हादसा नहीं, बल्कि मर्डर है। इसके पीछे कोई और नहीं, बल्कि सिया खुल्लर के पति आशीष का ही हाथ है। पुलिस ने तफ्तीश को आगे बढाया तो गुनाह की परतें खुलने लगी।

दो आरोपित अभी भी फरार

आशीष कुशवाहा और उसके दोस्त सुनील की तलाश जारी है। थाना माडल टाउन के प्रभारी इंस्पेक्टर करनैल सिंह ने बताया कि हत्या की गुत्थी सुलझा ली गई है। जल्द ही आशीष और दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

यह कहानी किसी फिल्म या धारावाहिक की नहीं बल्कि असल जिंदगी की है।

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