भारत में बरस रही मौत: तबाही के करीब देश, बाढ़ में डुबे मैदान से लेकर पहाड़

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लखनऊ: भारत कोरोना के बाद अब मानसून से बुरी तरह प्रभावित हैं। देश के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक लाखों लोगों की जिंदगियां तेज बारिश और बाढ़ से तबाह हो गयी है। बिहार असम और उत्तराखंड के इलाकों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। कई राज्यों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।

उत्तराखंड में टूटे मुसीबतों के पहाड़, रेड अलर्ट जारी:

उत्तराखंड में मौसम विभाग ने 3 दिन भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। बता दें कि बुधवार को देहरादून में कुछ घंटों की बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया। सड़कें जल मग्न हो गईं और गाड़ियां पानी में डूब गईं।

पहाड़ों पर कई जगह भूस्खलन के कारण सड़कें बंद होने से आवागमन बाधित हो गया।

रूद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी का रौद्र रूप:

राज्य के रूद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी उफान पर हैं। इसके संगम पर बनी शिव प्रतिमा बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब चुकी है। संगम स्थल पर नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। भयानक लहरों से लोग सहमे हुए हैं। पिथौरागढ़ में चट्टानें खिसकने से मलबे के नीचे कई घर दब गए। रास्ते ध्वस्त हो गए। पुल तबाह हो गए। लोगों की मदद के लिए SDRF को अस्थायी पुल बनाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा। टीम ने सैकड़ों लोगों का रेस्क्यू किया।

 हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में बाढ़:

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में एक बुजुर्ग मांजी नदी में अचानक आए बाढ़ के बीच फंस गया। हालाँकि रेस्क्यू टीम ने उसे बचा लिया। प्रदेश के ऊना में मूसलाधार बारिश से सरकारी दफ्तरों और रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया। खाद्य आपूर्ति विभाग का कार्यालय जलमग्न हो गया।

 मध्य प्रदेश का स्टेट हाइवे बारिश से ठप्प

मध्य प्रदेश के कुछ शहरों में भारी बारिश से सड़के जल मग्न हो गयीं। रायसेन में एक डायवर्जन पुल उफनती बेगम नदी में समा गया। आसपास के तमाम इलाकों में भी पानी भर गया। भोपाल जाने वाला स्टेट हाइवे ठप हो गया। सिलवानी-भोपाल मार्ग तेज बारिश के कारण बाधित हो गया।

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