चलती होंडा सिटी कार पर गिरा चावल से भरा कंटेनर, शवों को देखकर कांपा पुलिसकर्मियों का कलेजा

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नई दिल्ली। होंडा सिटी कार और ट्रॉला (कंटेनर) की टक्कर इतनी भीषण थी कि कार कई फीट अंदर दब गई। कार के भीतर दबे शवों निकालने के लिए स्थानीय पुलिस ने एक जेसीबी और ट्रैफिक पुलिस की हाडड्रा क्रेन को बुलवाया। साथ ही दिल्ली दमकल विभाग और एबुलेंस के कर्मचारियों को भी मौके पर बुलाया गया था।

आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को बचाव दल के कर्मचारी निकालने में सफल रहे, लेकिन उनकी सांसे बंद हो चुकी थी। दोनों के शवों को देखकर घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों का कलेजा कांप गया। चश्मदीदों की मानें तो आधे घंटे चले इस पूरे ऑपरेशन के दौरान मूलचंद की और आना-जाने वाला ट्रैफिक जाम हो गया था।

बहन की शादी के लिए अंकित कर रहा था पैसे जमा
वहीं,मृतक के करीबी रिश्तेदार दिनेश ने बताया कि अंकित और रंजन बचपन से अच्छे दोस्त थे, जबकि दोनों ने इवेंट मैनेजमेंट की पढ़ाई साथ की थी। जिसके बाद वह प्रमोशन के साथ मार्केटिंग हेड बन गए थे। अंकित के पिता रविन्द्र मल्होत्रा की कई साल पहले मौत हो गई थी। उस वक्त वह करीब आठ साल का था। हाल ही में पढ़ाई पूरी करने के बाद घर का बड़ा होने के कारण पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। जबकि वह बहन की शादी के लिए पैसा इकट्ठे कर रहा था। अंकित की मौत के बाद से उसके परिवार में मातम का माहौल है।

पिता को याद कर रही है दो साल की बच्ची
हादसे में मारे गए रंजन सपरिवार एच-3 लाजपत नगर में रहते थे। परिवार में पिता वेद प्रकाश, मां, पत्नी रेना नागपाल और एक दो साल की बच्ची है। होंडा सिटी कार रंजन की थी। बहन ने बताया कि इस घटना के बाद दो साल की बच्ची को को संभालना बहुत मुश्किल हो रहा है। रातभर से वह पापा-पापा कर रही है। पुलिस अधिकारियों की मानें तो चावल से भरा कंटेनर पंजाब से दिल्ली आया था, जो हादसे के वक्त मूलचंद से आश्रम की ओर जा रहा था। घटना वाली जगह ट्रॉला ड्राइवर ने कार को आते देख गाड़ी घुमा दी थी, जिस वजह से वह डिस्बैलेंस होकर कार के ऊपर जा गिरा। हादसे की वजह से कार की छत बुरी तरह पिचक गई थी।

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